तुम वहाँ हो, जहाँ से गुजरे हैं हम कभी,सीखा है बहुत कुछ, सीखना है तुम्हे भी।जिंदगी के इस सफर में, हर राह नई है,हर मोड़ कुछ खास, मंजिल अब दूर नहीं है। वक्त के पन्नों पर, हर दिन एक नया सबक है,जो बीत गया वो ख्वाब था, जो है वो अपना हक है।चलते रहो इसी…
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घर.. आता हूं।
जब भी बोझिल कंधे मेरे, थक जाएं ये बीच राह में, तब मैं अपने घर आता हूं। राह अंधेरी, रात अकेला, चलता जाता मैं अलबेला, जब जब भी मैं डर जाता हूं, तब मैं अपने घर आता हूं। कितना मुश्किल ये जीवन है, पाना मुझको तन और धन है, मन ही ना लग पाए जब…
